प्रतिदिन सायंकाल आरती के पश्चात श्री बालाजी महाराज को देसी घी से निर्मित प्रसाद का भोग लगाया जाता है, जिसकी भेंट 2500/– रु0 होती है। भक्तगण अपने प्रियजनों के जन्मोत्सव तथा अन्य किसी भी उत्सव या खुशी के अवसर पर इच्छानुसार भोग लगाकर प्रभु सेवा में सम्मिलित हो सकते हैं।